क्षेत्रफल=50×200=10000 वर्ग फिट हम जानते हैं कि, ज्यादातर जगाहों जैसे:- बिहार, राजस्थान, हरियाणा,पंजाब आदि जगाहों पर 1 बिस्व/ बिस्सा=1361.25 वर्ग फिट होता है, इसलिए, क्षेत्रफल=50×200=10000÷1361.25=7.346 बिस्वा/बिस्सा होगा | अधिक जानकारी के लिए 👉 Property Planet चैनल को सब्सक्राइब करें 🙏
भारत में भूमि मापन कैसे किया जाता है? भरतीय मापन पद्धति क्या है? भारत में मापन के लिए कौन- कौन से Units/इकाई/मात्रकों का उपयोग किया जाता है?
History/इतिहास :- मापन का अविष्कार कब हुआ?और किसने किया? यह बताना मुश्किल है, इसके कोई ठोस प्रमाण नही मिलते हैं मगर इतना अंदाजा लगाया जा सकता है कि मानव के बौद्धिक विकास के साथ-साथ आपसी लेन-देन की आवश्यकता पड़ती गयी जिसके फलस्वरूप मापन पद्धति का विकास होता गया। भारत में मापन प्रणालियों का इतिहास बहुत पुराना है इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सिन्धु घाटी की सभ्यता मे मिले कुछ मापन नमूने 5वी शताब्दी ईशापूर्व के हैं, जोकि खुदाई में मिले अवषेशो से पता चलता है|
मापन और गणित के बीच बहुत ही गहरा संबंध है। इसीलिये इसमे कोई सन्देह नही कि दोनों का विकास साथ-साथ हुआ। देखा जाए तो लगभग भारत के सभी प्राचीन ग्रंथों में मपन की इकाइयों और मापन यन्त्रों का वर्णन किया गया है। संस्कृत का शब्द शुल्ब का अर्थ नापने का रस्सी या डोरी होता है। जिसका उपयोग प्राचीन काल में मापन के लिए किया जाता था। उसी के आधार पर मुगल शासकों ने अपने शासन काल में भूमि मापन के लिए रस्सीयों का उपयोग किया जिसे बाद में लोहे की जंजीर के रूप में बदल दिया गया जिसे जरीब बोलते हैं। अंग्रेज़ी में इसे चैन के नाम से जाना हैं।
जरीब /Chain: यह छोटे - छोटे कड़ियों से मिलकर बना होता है जिन्हें लिन्क बोलते हैं। जरीब लम्बाई के दृष्टी से तीन प्रकार का होती है। 10 मीटर 20 मीटर तथा 30 मीटर इसमें क्रमशः 50 कड़ी, 100 कड़ी तथा 150 कड़ियाँ का होती है तथा प्रत्येक कड़ी की लम्बाई 7.92 इंच होती है। इसका उपयोग आजकल पटवारियों /लेखपालों द्वारा भूमि मापने में किया जाता है।
मापन और गणित के बीच बहुत ही गहरा संबंध है। इसीलिये इसमे कोई सन्देह नही कि दोनों का विकास साथ-साथ हुआ। देखा जाए तो लगभग भारत के सभी प्राचीन ग्रंथों में मपन की इकाइयों और मापन यन्त्रों का वर्णन किया गया है। संस्कृत का शब्द शुल्ब का अर्थ नापने का रस्सी या डोरी होता है। जिसका उपयोग प्राचीन काल में मापन के लिए किया जाता था। उसी के आधार पर मुगल शासकों ने अपने शासन काल में भूमि मापन के लिए रस्सीयों का उपयोग किया जिसे बाद में लोहे की जंजीर के रूप में बदल दिया गया जिसे जरीब बोलते हैं। अंग्रेज़ी में इसे चैन के नाम से जाना हैं।
जरीब /Chain: यह छोटे - छोटे कड़ियों से मिलकर बना होता है जिन्हें लिन्क बोलते हैं। जरीब लम्बाई के दृष्टी से तीन प्रकार का होती है। 10 मीटर 20 मीटर तथा 30 मीटर इसमें क्रमशः 50 कड़ी, 100 कड़ी तथा 150 कड़ियाँ का होती है तथा प्रत्येक कड़ी की लम्बाई 7.92 इंच होती है। इसका उपयोग आजकल पटवारियों /लेखपालों द्वारा भूमि मापने में किया जाता है।
मात्रक : किसी भी राशि की मात्रा को जानने के लिए जिस छोटी इकाई उपयोग किया जाता है उसे मात्रक/ इकाई कहते हैं।
मात्रक पहले से निर्धारित उसी प्रकार की राशि का एक छोटा-सा हिस्सा होता है जिससे तुलना करके दिए गए राशि की मात्रा ज्ञात की जाती है।
उदाहरण : माना कि किसी सड़क की लम्बाई 100 मीटर है। इससे यह पता चलता है कि सड़क की लम्बाई 1 मीटर से 100 गुनी है।
किसी भी राशि को मापने के लिए एक से अधिक मात्रक उपलब्ध हैं, हम अपनी सुविधा अनुसार इसका उपयोग करते हैं।
जैसे :- लम्बाई मापने के लिए, मिलीमीटर, सेन्टीमीटर, मीटर, किलोमीटर, मील आदि मात्रकों का उपयोग अपनी सुविधा अनुसार किया जाता है।
मापन पद्धति मे हर प्रकार के राशियों के लिए अलग-अलग मात्रक निर्धारित किए गए हैं।
जैसे: - 👉लम्बाई, चौड़ाई या ऊंचाई वाले वस्तुओं की मात्रा को जानने लिये मीटर का उपयोग करते हैं।
👉तरल पदार्थ जैसे - पानी, दूध, तेल आदि वस्तुओं के लिये लीटर का उपयोग करते हैं।
प्राचीन काल में उपयोग किये जाने वाले लम्बाई के मात्रक:-
8 यव=1 अंगुल
1 अंगुल =16 से 21 मिमी
4 अंगुल = 1 धनुगह =62 से 83 मिम.
8 अंगुल = 1 धनुमुष्ठि = 125 से 167 मिमी.
12 अंगुल = 1 वितास्ति(वित्ता) = 188 से 250 मिमी.
2 वितास्ति(वित्ता) = 1 अरति(हाथ) =375 से 500 मिमी.
4 अरति= 1 दण्ड = 1.5 से 2 मीटर
2 दण्ड = 1 धनु = 3 से 5 मीटर
5 धनु= 1 रज्जु = 15 से 20 मीटर
2 रज्जु = 1 परिदेश = 30 से 40 मीटर
100 परिदेश = 1 कोश = 3 से 4 किलोमीटर
4 कोश= 1 योजन = 13 से 16 किलोमीटर
1000 योजन = 1 महायोजन = 13000 से 16000 किलोमीटर
मीट्रिक प्रणाली :
10 मिलीमीटर =1 सेंटीमीटर
10 सेंटीमीटर = 1 डेसीमीटर
10 डेसीमीटर =100 सेंटीमीटर
100 सेंटीमीटर = 1 मीटर
10 मीटर = 1 डेकामीटर
10 डेकामीटर = 1हेक्टोमीटर
10 हेक्टोमीटर = 1 किलोमीटर
लम्बाई के ब्रिटिश इकाई :
16 लाइनें =1 इंच
12 इंच = 1 फुट
3 फीट =1 गज
6 फीट = 1 फैदम
220 गज = 1 फर्लांग
8 फर्लांग = 1760 गज
1760 गज = 1 मील
25.5 गज = 1 पोल
4 पोल = 1 चैन
10 चैन = 1 फर्लांग
3 मील = 1 लीग
मात्रक पहले से निर्धारित उसी प्रकार की राशि का एक छोटा-सा हिस्सा होता है जिससे तुलना करके दिए गए राशि की मात्रा ज्ञात की जाती है।
उदाहरण : माना कि किसी सड़क की लम्बाई 100 मीटर है। इससे यह पता चलता है कि सड़क की लम्बाई 1 मीटर से 100 गुनी है।
किसी भी राशि को मापने के लिए एक से अधिक मात्रक उपलब्ध हैं, हम अपनी सुविधा अनुसार इसका उपयोग करते हैं।
जैसे :- लम्बाई मापने के लिए, मिलीमीटर, सेन्टीमीटर, मीटर, किलोमीटर, मील आदि मात्रकों का उपयोग अपनी सुविधा अनुसार किया जाता है।
मापन पद्धति मे हर प्रकार के राशियों के लिए अलग-अलग मात्रक निर्धारित किए गए हैं।
जैसे: - 👉लम्बाई, चौड़ाई या ऊंचाई वाले वस्तुओं की मात्रा को जानने लिये मीटर का उपयोग करते हैं।
👉तरल पदार्थ जैसे - पानी, दूध, तेल आदि वस्तुओं के लिये लीटर का उपयोग करते हैं।
प्राचीन काल में उपयोग किये जाने वाले लम्बाई के मात्रक:-
8 यव=1 अंगुल
1 अंगुल =16 से 21 मिमी
4 अंगुल = 1 धनुगह =62 से 83 मिम.
8 अंगुल = 1 धनुमुष्ठि = 125 से 167 मिमी.
12 अंगुल = 1 वितास्ति(वित्ता) = 188 से 250 मिमी.
2 वितास्ति(वित्ता) = 1 अरति(हाथ) =375 से 500 मिमी.
4 अरति= 1 दण्ड = 1.5 से 2 मीटर
2 दण्ड = 1 धनु = 3 से 5 मीटर
5 धनु= 1 रज्जु = 15 से 20 मीटर
2 रज्जु = 1 परिदेश = 30 से 40 मीटर
100 परिदेश = 1 कोश = 3 से 4 किलोमीटर
4 कोश= 1 योजन = 13 से 16 किलोमीटर
1000 योजन = 1 महायोजन = 13000 से 16000 किलोमीटर
मीट्रिक प्रणाली :
10 मिलीमीटर =1 सेंटीमीटर
10 सेंटीमीटर = 1 डेसीमीटर
10 डेसीमीटर =100 सेंटीमीटर
100 सेंटीमीटर = 1 मीटर
10 मीटर = 1 डेकामीटर
10 डेकामीटर = 1हेक्टोमीटर
10 हेक्टोमीटर = 1 किलोमीटर
लम्बाई के ब्रिटिश इकाई :
16 लाइनें =1 इंच
12 इंच = 1 फुट
3 फीट =1 गज
6 फीट = 1 फैदम
220 गज = 1 फर्लांग
8 फर्लांग = 1760 गज
1760 गज = 1 मील
25.5 गज = 1 पोल
4 पोल = 1 चैन
10 चैन = 1 फर्लांग
3 मील = 1 लीग
1.15 मील =1 समुद्री मील
👉https://youtu.be/-dScVYIB5jk
वजन मापने के प्रचीन मात्रक :-
1 तोला =100 रत्ती = 11.66 ग्राम
1 तोला = 12 माशा
1 माशा= 8.33 रत्ती = 0.97 ग्राम
1 धरनी =12 पाव= 2.3335 किलोग्राम= 5.142 पाउण्ड
1 सेर= 1 लीटर= 80 तोला चावल
1 पनसेरी = 5 सेर =4.677 किलोग्राम = 10.3 पाउण्ड
Units of weight /भार के इकाई :
1 ग्राम=1000 मिलीग्राम
1 ग्राम=100 सेंटीग्राम
1 ग्राम =10 डेसीगाग्राम
1 किलोग्राम =1000 ग्राम
1 किलोग्राम = 100 डेकाग्राम
1 किलोग्राम =10 हेक्टोग्राम
1 मीट्रिकटन =1000 किलोग्राम
1 पाउन्ड =7000 ग्रैंन
1 पाउन्ड = 256 ड्रैम
1 पाउन्ड =16 ओऊंस
2000 पाउन्ड =1 छोटा टन
2240 पाउन्ड = 1 बड़ा टन
100 पाउन्ड =1 छोटा
100 किलोग्राम
112 पाउन्ड = 1 बड़ा 100 किलोग्राम
Physical Quantity / भौतिक राशियां :- भौतिक राशियां दो प्रकार की होती हैं।
1. Root quantity /मूल राशियां,
2. Derived quantity /व्युत्पन्न राशियां
1. Root quantity / मूल राशियां :
जैसे
Units Quantity Symbol
Meter Length L Kilogram weight Kg Second Time S Kelvin Tempreture K Ampere Current A Candela Luminous intesity Cd Mole Amount of substance mol Radian Plane angle rad Steradian Solid angle sr Becquerel Radio activity Bq
मूल मात्रक :- मूल राशियों के मापन के लिए जो मात्रक उपयोग किये जाते हैं उन्हें मूल मात्रक कहते हैं।
2.Derived units /व्युत्पन्न राशियां :
जैसे :-
Units Quantity Symbol Area Meter.Square m2 Volume. Meter.Cube m3 Velocity. Meter/Second m/s Force kg/meter.square Newton Density kg/meter.cube. kg/m3 Acceleration m/Second.squre m/s2
व्युत्पन्न मात्रक: वह मात्रक जो मूल मात्रकों के मिलने से बनते हैं व्युत्पन्न मात्रक कहलाते हैं।
नोट:- दोस्तों, ग्रामीण क्षेत्रों ज्यादातर पैमाइस बीघा, कट्ठा(बिस्वा) , धूर (बिस्वांसी), धूरकी (कचवांसी), आदि इकाइयों द्वारा की जाती है जबकि कस्बों एवं शहरी क्षेत्रों की पैमाइस हेक्टेयर, एकड़, एयर, वर्ग मीटर, वर्ग फीट, वर्ग गज आदि इकाइयों द्वारा किया जाता है।
वजन मापने के प्रचीन मात्रक :-
1 तोला =100 रत्ती = 11.66 ग्राम
1 तोला = 12 माशा
1 माशा= 8.33 रत्ती = 0.97 ग्राम
1 धरनी =12 पाव= 2.3335 किलोग्राम= 5.142 पाउण्ड
1 सेर= 1 लीटर= 80 तोला चावल
1 पनसेरी = 5 सेर =4.677 किलोग्राम = 10.3 पाउण्ड
Units of weight /भार के इकाई :
1 ग्राम=1000 मिलीग्राम
1 ग्राम=100 सेंटीग्राम
1 ग्राम =10 डेसीगाग्राम
1 किलोग्राम =1000 ग्राम
1 किलोग्राम = 100 डेकाग्राम
1 किलोग्राम =10 हेक्टोग्राम
1 मीट्रिकटन =1000 किलोग्राम
1 पाउन्ड =7000 ग्रैंन
1 पाउन्ड = 256 ड्रैम
1 पाउन्ड =16 ओऊंस
2000 पाउन्ड =1 छोटा टन
2240 पाउन्ड = 1 बड़ा टन
100 पाउन्ड =1 छोटा
100 किलोग्राम
112 पाउन्ड = 1 बड़ा 100 किलोग्राम
Physical Quantity / भौतिक राशियां :- भौतिक राशियां दो प्रकार की होती हैं।
1. Root quantity /मूल राशियां,
2. Derived quantity /व्युत्पन्न राशियां
1. Root quantity / मूल राशियां :
जैसे
Units Quantity Symbol
Meter Length L Kilogram weight Kg Second Time S Kelvin Tempreture K Ampere Current A Candela Luminous intesity Cd Mole Amount of substance mol Radian Plane angle rad Steradian Solid angle sr Becquerel Radio activity Bq
मूल मात्रक :- मूल राशियों के मापन के लिए जो मात्रक उपयोग किये जाते हैं उन्हें मूल मात्रक कहते हैं।
2.Derived units /व्युत्पन्न राशियां :
जैसे :-
Units Quantity Symbol Area Meter.Square m2 Volume. Meter.Cube m3 Velocity. Meter/Second m/s Force kg/meter.square Newton Density kg/meter.cube. kg/m3 Acceleration m/Second.squre m/s2
व्युत्पन्न मात्रक: वह मात्रक जो मूल मात्रकों के मिलने से बनते हैं व्युत्पन्न मात्रक कहलाते हैं।
नोट:- दोस्तों, ग्रामीण क्षेत्रों ज्यादातर पैमाइस बीघा, कट्ठा(बिस्वा) , धूर (बिस्वांसी), धूरकी (कचवांसी), आदि इकाइयों द्वारा की जाती है जबकि कस्बों एवं शहरी क्षेत्रों की पैमाइस हेक्टेयर, एकड़, एयर, वर्ग मीटर, वर्ग फीट, वर्ग गज आदि इकाइयों द्वारा किया जाता है।
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